एमपी धमाका, विदिशा
ग्राम पंचायतों में कराए गए सड़क एवं नाला निर्माण कार्यों की जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच टीम ने साफ तौर पर माना है कि कई स्थानों पर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी खामियां पाई गईं और पंचायत स्तर पर जरूरी रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं कराया गया।
प्रतिवेदन के अनुसार पंचायत द्वारा कराए गए कुल 6 नाला निर्माण कार्यों में 4 कार्य पूर्ण मिले, जबकि एक कार्य आंशिक रूप से किया गया। जांच में कई जगहों पर कंक्रीट कार्य में खराबी और सड़क की पेवमेंट कोट उखड़ी हुई पाई गई।
समय से पहले दौड़े वाहन, सड़कें हुईं खराब
जांच टीम ने रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि सड़क निर्माण के बाद निर्धारित समय तक आवागमन नहीं रोका गया, जिसके कारण कंक्रीट पूरी मजबूती हासिल करने से पहले ही सड़क पर वाहन चलने लगे और पेवमेंट को नुकसान पहुंचा।
घटिया सामग्री के उपयोग की आशंका
प्रतिवेदन में यह भी कहा गया है कि निर्माण कार्यों में उपयोग की गई लोकल रेत में सिल्ट की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक होने की संभावना है, जिससे सड़क और कंक्रीट की गुणवत्ता प्रभावित हुई।
पंचायत ने नहीं दिखाए जरूरी दस्तावेज
सबसे बड़ा खुलासा टीलाखेड़ी पंचायत रिकॉर्ड को लेकर हुआ है। जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत (सरपंच/सचिव) द्वारा: कैश बुक प्रस्तुत नहीं की गई।
सामग्री स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया।
कोटेशन की प्रतियां नहीं दी गईं।
सत्यापित फोटो प्रतियां भी पेश नहीं की गईं।
रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया है कि उपलब्ध रिकॉर्ड देखने से प्रतीत होता है कि सामग्री क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया और सामग्री संग्रहण रजिस्टर भी नहीं बनाया गया, जिससे वित्तीय लेन-देन संदेह के घेरे में आ गया है।
तीन विभागों के अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर
प्रतिवेदन पर लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और नगर पालिका परिषद विदिशा के अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। जांच के साथ तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक स्वीकृति, माप पुस्तिका और टेस्ट रिपोर्ट जैसी दस्तावेजों की प्रतियां भी संलग्न बताई गई हैं।