कैनों में खुलेआम पेट्रोल-डीजल की बिक्री, सुरक्षा मानकों की अनदेखी से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
विदिशा | एमपी धमाका
विदिशा जिले में पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। शहर के पेट्रोल पंपों पर प्लास्टिक के कैन और अन्य असुरक्षित पात्रों में बिना किसी ठोस जांच-पड़ताल के पेट्रोल-डीजल भरकर दिया जा रहा है। यह न केवल पेट्रोलियम सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है, बल्कि किसी बड़े हादसे को भी खुला निमंत्रण है।
एमपी धमाका के कैमरे में कैद तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंप कर्मचारी ग्राहकों द्वारा लाए गए प्लास्टिक के कैनों में डीजल भर रहे हैं। वहीं एक अन्य तस्वीर में बाइक पर कई बड़े प्लास्टिक कैन लादकर डीजल ले जाया जा रहा है। ऐसे मामलों में न तो सुरक्षा संबंधी कोई पूछताछ की जा रही है और न ही किसी प्रकार की वैधानिक प्रक्रिया का पालन होता दिखाई दे रहा है।
जानकारों का कहना है कि ज्वलनशील पदार्थों की बिक्री और परिवहन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। बिना उचित कारण और सुरक्षित व्यवस्था के खुले कैनों में ईंधन देना गंभीर लापरवाही मानी जाती है। इसके बावजूद जिले में यह कार्य खुलेआम जारी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित विभाग के निरीक्षण आखिर हो कहाँ रहे हैं? यदि नियमित जांच हो रही है तो फिर नियमों का यह खुला उल्लंघन कैसे जारी है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी प्रकार लापरवाही जारी रही तो किसी दिन आगजनी या विस्फोट जैसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में जिम्मेदारी किसकी होगी?
अब आवश्यकता है कि जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग और संबंधित तेल कंपनी के अधिकारी तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करें तथा सभी पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं।
एमपी धमाका इस गंभीर मामले की पड़ताल और संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।