अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की इच्छा जताने पर डॉ. मिथलेश दांगी का भावुक फेसबुक पोस्ट वायरल, कहा— "सहानुभूति नहीं, समान अवसर चाहिए"
विदिशा। सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति, विदिशा में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर नया विवाद सामने आया है। समिति की पूर्व महिला मंडल अध्यक्ष डॉ. मिथलेश दांगी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर संगठन में महिलाओं को नेतृत्व का अवसर दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। उनका यह पोस्ट तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
डॉ. दांगी ने लिखा कि वह पिछले चार वर्षों से समिति की एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सनातन की सेवा कर रही हैं। उन्होंने कभी किसी पद या सम्मान की अपेक्षा नहीं की, बल्कि सेवा को ही अपना सबसे बड़ा सम्मान माना। लेकिन जब उन्होंने समिति के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की इच्छा जताई तो उन्हें यह कहकर हतोत्साहित किया गया कि धार्मिक कार्यक्रम देर रात तक चलते हैं और महिला होने के कारण उनके लिए यह दायित्व निभाना कठिन होगा।
उन्होंने अपने पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या सनातन की बेटी केवल पूजा-अर्चना तक सीमित है और संगठन का नेतृत्व नहीं कर सकती? उन्होंने कहा कि जिस सनातन संस्कृति में मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी को शक्ति, ज्ञान और समृद्धि का स्वरूप माना जाता है, उसी संस्कृति में यदि किसी महिला को केवल महिला होने के कारण नेतृत्व का अवसर नहीं दिया जाता, तो यह विचारणीय है।
डॉ. दांगी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी का विरोध करना या किसी का पद छीनना नहीं है। वह केवल अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का अवसर चाहती हैं। उनका कहना है कि यदि वह योग्य नहीं हैं तो उनके कार्य और नेतृत्व क्षमता के आधार पर निर्णय लिया जाए, लेकिन केवल महिला होने के कारण उन्हें अवसर से वंचित न किया जाए।
पोस्ट के अंत में उन्होंने समाज से अपील करते हुए लिखा कि उन्हें सहानुभूति नहीं, बल्कि समान अवसर चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सनातन की बेटी हैं, सेवा करती रही हैं और अवसर मिलने पर नेतृत्व का दायित्व भी पूरी निष्ठा से निभाने को तैयार हैं।
डॉ. मिथलेश दांगी की इस पोस्ट के सामने आने के बाद विदिशा के सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि, इस मामले में सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।