विदिशा, एमपी धमाका
कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने आज लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा लंबित प्रकरणों के निराकरण की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों से संबंधित शिकायतों और आवेदनों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित न रहें और प्रत्येक आवेदन पर की गई कार्रवाई का स्पष्ट एवं तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त आवेदनों, सीएम हेल्पलाइन, प्रभारी मंत्री, सांसद तथा वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से लंबित प्रकरणों के निराकरण की स्थिति, की गई कार्रवाई तथा शेष मामलों के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नलजल योजनाओं और राशन व्यवस्था की समीक्षा
कलेक्टर ने बंद पड़ी नलजल योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए बंद योजनाओं को प्राथमिकता से चालू कराया जाए। उन्होंने राशन दुकानों पर की गई कार्रवाई, ई-केवाईसी की स्थिति तथा संलग्न दुकानों में खाद्यान्न आवंटन की स्थिति की भी समीक्षा की। सेल्समैन द्वारा एक से अधिक राशन दुकान संचालित किए जाने की स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
छात्रावासों में प्रवेश और विभागीय निरीक्षण पर जोर
बैठक में छात्रावासों में प्रवेश की स्थिति की समीक्षा करते हुए पात्र विद्यार्थियों को समय पर प्रवेश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिकारियों से सप्ताहभर में किए गए निरीक्षणों एवं अन्य विभागीय कार्यों का विवरण भी लिया गया।
कलेक्टर ने अवैध शराब के विक्रय के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा सप्ताह के दौरान अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के मामलों में की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित निगरानी और कार्रवाई जारी रखी जाए।
जल गंगा संवर्धन और वर्षा जलभराव की समीक्षा
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यकतानुसार कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। बारिश के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या की रोकथाम के लिए किए गए उपायों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर नालियों की सफाई, जल निकासी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने को कहा।
आंगनबाड़ी एवं विद्यालयों के निरीक्षण के निर्देश
कलेक्टर ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं विद्यालयों का निरीक्षण/पर्यवेक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। प्रत्येक जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा एक अथवा दो आंगनबाड़ी केन्द्र तथा एक विद्यालय का निरीक्षण किए जाने के निर्देश दिए गए। डीपीसी एवं डब्ल्यूसीडीपीओ को अधिकारियों के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र आवंटित करने के निर्देश दिए गए, ताकि निरीक्षण की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित हो सके।
कृषि वर्ष एवं नरवाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान
बैठक में कृषि वर्ष के अंतर्गत ग्रामवार सर्वे में प्राप्त आवेदनों एवं उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। खरीफ सीजन में नरवाई जलाने की रोकथाम के लिए ग्रामवार योजना तैयार करने तथा इसकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नरवाई से संबंधित ग्रामवार स्थिति और संख्या की जानकारी भी संकलित करने को कहा गया, ताकि रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना लागू की जा सके।
राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर जोर
कलेक्टर ने अविवादित नामांतरण के 180 दिवस, बंटवारा के 45 दिवस तथा सीमांकन के 90 दिवस से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा की। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें तथा अनावश्यक रूप से लंबित मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए। तहसीलवार लंबित आरआरसी प्रकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
पेपर कटिंग, फैक्ट चेक और सफलता की कहानियों पर निर्देश
बैठक में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की पेपर कटिंग के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा दिए गए उत्तर, फैक्ट चेक तथा सफलता की कहानियों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मीडिया में प्रकाशित जनहित से जुड़े विषयों पर विभाग तत्काल तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं और आवश्यक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करें।
समितियों की बैठक और शासन को भेजे पत्रों की समीक्षा
विभागवार जिला स्तरीय समितियों की बैठकों एवं उनकी निर्धारित तिथियों की जानकारी भी ली गई। शासन को भेजे गए पत्रों एवं विभिन्न मांगों की स्थिति, कलेक्टर द्वारा निर्देशित आदेश/पत्रों के पालन तथा अर्द्धशासकीय (डीओ) पत्रों के उत्तर की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव स्तर की बैठकों में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की भी बिंदुवार जानकारी ली गई।
पौधारोपण और दिशा बैठक के एजेंडे पर चर्चा
कलेक्टर ने जिले में पौधारोपण की प्रगति की समीक्षा करते हुए पौधों के रोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं जीवित रहने की स्थिति पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। आगामी दिशा बैठक के एजेंडे से संबंधित विषयों की तैयारी की समीक्षा की गई।
बैठक में अंतरविभागीय समन्वय से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे विषय जिनमें एक से अधिक विभागों की भूमिका है, उनमें आपसी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक के अंत में आवश्यक अन्य विषयों पर भी चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने अधिकारियों से कहा कि लंबित प्रकरणों की समीक्षा केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि प्रत्येक आवेदन और शिकायत के वास्तविक निराकरण तक उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आमजन को समय पर राहत एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।