विदिशा, एमपी धमाका
जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में सोलहवें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त राशि के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने हिस्से में प्राप्त राशि का बिना किसी भेदभाव के पूरे जिले में वितरण करते हुए शिक्षा, छात्राओं के सम्मान और युवाओं में खेल को बढ़ावा देने को प्राथमिकता दी।
जिला पंचायत अध्यक्ष गीता कैलाश रघुवंशी ने जिले के सभी 19 सदस्यों के वार्डों में स्थित शासकीय स्कूलों के विकास के लिए राशि आवंटित की है। इस राशि से छात्राओं की सुविधा और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की गई है।
156 स्कूलों में लगेंगे सैनिटेशन पैड इन्सिनेरेटर
छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान को ध्यान में रखते हुए जिले के 156 शासकीय स्कूलों में सैनिटेशन पैड इन्सिनेरेटर लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे कक्षा 9वीं से 12वीं तक के किसी भी शासकीय विद्यालय में यह सुविधा उपलब्ध होने से वंचित नहीं रहेगा।
इस पहल से छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान सैनिटेशन पैड के सुरक्षित निस्तारण की सुविधा मिलेगी। साथ ही स्कूल परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। इस्तेमाल किए गए पैड को इधर-उधर फेंकने की समस्या से भी निजात मिलेगी। यह कदम छात्राओं की गरिमा, स्वास्थ्य और स्वच्छता की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
160 स्कूलों में विकसित होंगे वॉलीबॉल मैदान
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से जिले के 160 शासकीय स्कूलों में वॉलीबॉल नेट, पोल और खेल मैदान के निर्माण के लिए राशि आवंटित की गई है। इससे कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर वॉलीबॉल खेलने की सुविधा मिलेगी।
इस पहल से ग्रामीण प्रतिभाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और शारीरिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित होगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल को मिला महत्व
जिला पंचायत अध्यक्ष की इस पहल के तहत सोलहवें वित्त की राशि का उपयोग छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों के खेल विकास के लिए किया जा रहा है। जिले के सभी 19 सदस्यों के वार्डों में स्थित स्कूलों को शामिल करते हुए राशि का वितरण किया गया है।
छात्राओं के सम्मान और स्वास्थ्य के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की यह पहल जिले की शैक्षणिक व्यवस्था में सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।