हरि वृद्धाश्रम में शिविर लगाकर की गई खानापूर्ति! शहर के बुजुर्गों को आखिर क्यों नहीं मिला व्यापक लाभ?
विदिशा। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण, विधिक साक्षरता एवं आयुष्मान शिविर का आयोजन किया गया। आयोजन में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही, लेकिन शिविर के उद्देश्य और इसके दायरे को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। आखिर यह शिविर पूरे शहर के वृद्धजनों के लिए आयोजित किया गया था या केवल एक संस्था तक ही सीमित रहा? शहर के अन्य वृद्धजनों को इसका लाभ मिला या नहीं, यह सवाल चर्चा का विषय है।
वहीं, हरि वृद्धाश्रम में शिविर लगाकर औपचारिकता पूरी किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि आयोजन का उद्देश्य शहर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था, तो क्या इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए गए? शहर के अनेक वृद्धजनों तक शिविर की जानकारी पहुंची या नहीं, इस पर भी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
106 वर्षीय गुलाब बाई का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में विधायक मुकेश टंडन, जिला पंचायत अध्यक्ष गीता कैलाश रघुवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति राकेश शर्मा, ब्रह्माकुमारी प्रजापिता की सपना दीदी, पेंशन एसोसिएशन अध्यक्ष ओमप्रकाश चतुर्वेदी एवं वृद्धाश्रम से इंदिरा शर्मा की उपस्थिति में वार्ड क्रमांक 8 निवासी 106 वर्षीय गुलाब बाई विश्वकर्मा को शतायु सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित वृद्धजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
रंगोली और नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश
कार्यक्रम में राधाकृष्ण आईटीआई के विद्यार्थियों ने वृद्धजनों के साथ रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की। वहीं, एसएसएल जैन कॉलेज के एनएसएस विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को उजागर करते हुए उनके प्रति युवाओं की जिम्मेदारी और सहयोग का संदेश दिया।
योजनाओं और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक ने विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम की जानकारी दी। साथ ही वृद्धजनों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा रेडक्रॉस सोसायटी, लायंस क्लब, रोटरी क्लब एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
आयोजन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि वृद्धजन दिवस पर आयोजित शिविर का लाभ विदिशा के अधिक से अधिक बुजुर्गों तक पहुंचाने के लिए क्या प्रयास किए गए? यदि शिविर का उद्देश्य व्यापक था, तो इसकी पहुंच भी व्यापक होनी चाहिए थी।